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Harihar Kaka Class 10 Hindi Chapter 1 summary

  • Utkarsh Chowdhary
  • Aug 31, 2020
  • 1 min read

Updated: May 5, 2023



'हरिहर काका' कहानी के द्वारा लेखक मिथिलेश्वर ने परिवारों में और धार्मिक स्थलों में बढ़ रही स्वार्थलोलुपता पर निशाना साधा है। इस कहानी के मुख्यपात्र हरिहर काका हैं। वह एक वृद्ध और निसंतान व्यक्ति हैं। अपना कहने के नाम पर उनके तीन भाई हैं। उनके भाईयों का परिवार भरा-पूरा परिवार है। हरिहर काका इन्हीं के साथ रहने में अपना सुख मानते हैं। मन को सुख देने के लिए ठाकुरबारी (मंदिर) है। हरिहर काका के जीवन में इन दोनों का विशेष महत्व है। परंतु इन्हीं दोनों ने उन्हें अपने स्वार्थ के लिए छला है। उन्हें हरिहर काका से कोई लगाव और प्रेम नहीं है। उनका उद्देश्य है कि हरिहर काका की ज़मीन को कैसे हड़पा जा सके। वह ज़मीन को पाने के लिए हर तरह की युक्ति का प्रयोग करते हैं। फिर चाहे वह धोखा देकर हो या शक्ति का प्रयोग करके हो। हरिहर काका इनकी स्वार्थलोलुपता के विरूद्ध खड़े होकर अपने अस्तित्व को बचाने का प्रयास करते हैं। इन सब में परिवार और ठाकुरबारी (मंदिर) के प्रति उनकी आस्था समाप्त हो जाती है। यह कहानी ग्रामीण जीवन के यर्थाथ को समाज के समक्ष बेनकाब करती है, जिनका मत है कि गाँवों की अपेक्षा शहरों के जीवन में स्वार्थलोलुपता ज्यादा विद्यमान है। आपसी रिश्तों में प्रेम के स्थान पर लालच का बढ़ना रिश्तों के खोखलेपन को दर्शाता है। समाज में प्रेम समाप्त हो रहा है। यह बहुत दुख की बात है।

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Gast
25. Juni 2024
Mit 5 von 5 Sternen bewertet.

Short crispy and easy to wite

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Gast
12. Dez. 2024
Antwort an

Very juicy and easy to write 💦🦎

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Gast
16. Apr. 2024
Mit 5 von 5 Sternen bewertet.

Amazing

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Gast
20. März 2024
Mit 5 von 5 Sternen bewertet.

Help full

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Gast
11. Nov. 2023
Mit 5 von 5 Sternen bewertet.

Very helpful

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